दावोस 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावोस में आयोजित हो रही वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दुनिया की टॉप बिजनस कंपनियों के चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर्स (सीईओ) की राउंड टेबल मीटिंग की मेजबानी की। उन्होंने सीईओ से बताया कि भारत का मतलब बिजनस होता है और भारत में ग्लोबल बिजनस के लिए काफी आकर्षक मौके उपलब्ध हैं। उन्होंने ग्लोबल सीईओ को भारत की ग्रोथ की कहानी बयां की। उनके साथ विजय गोखले, जय शंकर और रमेश अभिषेक समेत वरिष्ठ सरकारी अधिकारी थे। राउंड टेबल मीटिंग में ग्लोबल कंपनियों के 40 सीईओ और भारत के 20 सीईओ ने शिरकत की। 
 
मीटिंग के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि पीएम मोदी ने दावोस में दुनिया की टॉप बिजनस कंपनियों को भारत की ग्रोथ की कहानी बयां की और भारत में उपलब्ध आकर्षक अवसर के बारे में बताया। पीएम मोदी सोमवार शाम दावोस पहुंचे। वह वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में इंटरनैशनल बिजनस कम्यूनिटी के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। गौरतलब है कि पीएम मोदी 20 सालों में दावोस में हिस्सा लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। 

 

मोदी ने देश से रवाना होने से पहले कल कहा था कि भारत का अन्य देशों के साथ संबंधों का हालिया वर्षों में विस्तार हुआ है। बाहरी दुनिया के साथ देश के संबंध वास्तव में बहुआयामी हुए हैं जिनमें राजनीतिक, आर्थिक, लोगों से लोगों के बीच और सुरक्षा तथा अन्य आयाम शामिल हैं।' उन्होंने कहा था, 'दावोस में, मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भारत के भविष्य के संबंध के लिए अपने विजन को साझा करने की आशा करता हूं।' 


डब्ल्यूईएफ की 48वीं सालाना बैठक में कारोबार, राजनीति, कला, अकादमिक और सिविल सोसायटी से विश्व के 3,000 से भी अधिक नेता भाग लेंगे। इसमें भारत से 130 से भी अधिक लोग भाग लेंगे। वर्ष 1997 में एच.डी. देवगौड़ा की यात्रा के बाद करीब 20 वर्षों में दावोस बैठक में शामिल होने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।

Source : Agency