रायपुर

छत्तीसगढ़ में बंद कर दिए गए सरकारी बाल श्रमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने बुधवार को राजधानी रायपुर में मुंडन कराकर अपना विरोध जताया. ये शिक्षक सरकारी विभागों में समायोजन किए जाने की मांग कर रहे हैं. पुरुषों के साथ ही महिला शिक्षकों ने भी अपना मुंडन कराया. दरअसल प्रदेश भर में 261 सरकारी बाल श्रमिक विद्यालयों को 4 साल पहले बंद कर दिया गया था, जिसके कारण इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले 1645 शिक्षक बेरोजगार हो गए.

ये बेरोजगार शिक्षक पिछले चार साल से अपनी मांगों को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी मांगों पर प्रदेश सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया. ये शिक्षक सरकारी विभाग में समायोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. बीते 16 जून से प्रदर्शन कर रहे इन शिक्षकों पर किसी जिम्‍मेदार ने ध्‍यान नहीं दिया. इसके बाद वे बीते बुधवार को मुंडन कराने का निर्णय लिए. इन ि‍शिक्षकों का प्रदर्शन अभी भी जारी है.

बाल श्रमिक कर्मचारी संघ, रायपुर के अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि पिछले चार साल में वे कई बार शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं. अपनी मांगों को लेकर विधायक, सांसद सहित सभी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक गए, लेकिन मांग नहीं मानी गई. इसके बाद से ही आंदोलन का निर्णय लिया गया है. बेरोजगार हो चुके शिक्षकों के पास अब कोई दूसरा चारा नहीं है.

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