आजकल वास्तु का चलन बहुत जगह पर देखने को मिलता है। हर व्यक्ति घर को वास्तु को हिसाब से बना तो लेता है किंतु कहीं न कहीं कोई कमी रह जाती है जिसे हम पुरा नहीं कर पाते हैं। घर को बेहतर बनाने और उसे सजाने के लिए इंसान कोई न कोई उपाय करता हैं। आज आपको उन्हीं उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

घर में उत्तर दिशा को करियर की दिशा माना जाता है, बेहतर रहेगा कि आप उत्तर दिशा में घोड़े की प्रतिमा या फोटो लगा दें। यह तस्वीर आपको शत-प्रतिशत सफलता दिलाने में मदद करेगी।

ईशान कोण में पूजा का स्थान होने से परिवार के सदस्य सात्विक विचारों के होते हैं। उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी आयु बढ़ती है।

पूर्व दिशा में पूजा का स्थान होने पर घर का मुखिया सात्विक विचारों वाला होता है तथा समाज में इज्जत और प्रसिद्धि पाता है।

आग्नेय कोण में पूजा का स्थान होने पर घर के मुखिया को खून की खराबी की शिकायत होती है। वह बहुत ही गुस्से वाला होता है किंतु उसमें निर्भीकता होती है और सभी निर्णय स्वयं लेता है।

दक्षिण दिशा में पूजा घर होने पर उसमें सोने वाला पुरुष जिद्दी, गुस्से वाला और भावना प्रधान होता है।

नैऋत्य कोण में पूजा का स्थान होने से घर के लोगों को पेट संबंधी कष्ट होता है। साथ ही वे अत्यधिक लालची स्वभाव के होते हैं।   

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