नई दिल्ली
नवरात्रि वर्ष में चार बार पड़ती है. माघ, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन. इसमें सबसे शक्तिशाली नवरात्रि आश्विन की मानी जाती है. इसको शक्ति अर्जन का पर्व कहा जाता है.

नवरात्रि से वातावरण के तमस का अंत होता है और सात्विकता की शुरुआत होती है. मन में उल्लास, उमंग और उत्साह की वृद्धि होती है. दुनिया में सारी शक्ति, नारी या स्त्री स्वरुप के पास ही है. इसलिए इसमें देवी की उपासना ही की जाती है. इस समय श्री हरि विष्णु योग निद्रा में लीन हैं. अतः इस समय देवी की उपासना ही कल्याणकारी होगी.  

नवरात्रि में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  •  नवरात्रि में जीवन के समस्त भागों और समस्याओं पर नियंत्रण किया जा सकता है.
  •  अलग-अलग चक्रों पर ज्योति का ध्यान करने से विशेष तरह की मनोकामनाएं पूरी की जा सकती हैं.
  •  नवरात्रि के दौरान हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए.
  •  नियमित खान पान में जौ और जल का प्रयोग जरूर करना चाहिए.
  •  इन दिनों तेल, मसाला और अनाज कम से कम खाना चाहिए.
  •  काले रंग का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए.
  •  बिना दीपक जलाएं कभी भी शक्ति की पूजा नहीं की जा सकती है. 
Source : Agency