नवरात्रि वर्ष में चार बार पड़ती है - माघ, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन. इसमें आश्विन में मनाया जाने वाला शारदीय नवरात्रि अहम मानी जाती है. इसको शक्ति अर्जन का पर्व कहा जाता है. नवरात्रि से वातावरण के तमस का अंत होता है और सात्विकता की शुरुआत होती है.

जिन लोगों की आय अच्छी होने के बावजूद भी वह हमेशा पैसे के लिए परेशान रहते हैं. किसी न किसी रूप में उन्हें कर्ज लेना पड़ता है और महीने के आखिर में हाथ खाली हो जाता है. वहीं, कुछ लोगों को शादी ना होने की भी समस्या आती है. शादी के लिए सुयोग्य होने के बावजूद बार-बार रिश्ता टूट जाता है और चाहकर भी विवाह का योग नहीं बन पाता.

नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा से ये सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं. छोटे-छोटे उपायों के जरिए आप मां को खुश कर अपने जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं.

धन प्राप्ति के लिए-

  • पहले नवरात्र में एक लाल कपड़े में 11 कौड़ियां और तीन गोमती चक्र रखें.
  • माता के पूजन के साथ उस पर हल्दी से तिलक करके उसे पूजा घर में रख दें.
  • नवमी तिथि के दिन इसको लाल कपड़े में ही बांधकर रसोई में रख दें.
  • जिस भी घर में नवरात्रि को श्री सूक्त का पाठ प्रतिदिन होता है उस घर में कभी भी आर्थिक संकट नहीं आता है.
  • नवरात्रि में देवी को पान के पत्ते में रखकर गुलाब की पंखुडियां अर्पित करने से भी स्थाई धन का लाभ होता है.

अच्छी पत्नी प्राप्ति और शीघ्र विवाह के लिए-

  • दुर्गा सप्तशती की पुस्तक में से नित्य 'अर्गला- स्तोत्र' का एक पाठ करने से सुलक्षणा पत्नी की प्राप्ति संभव हो जाती है.
  • अन्यथा अर्गला स्तोत्र के 24वें श्लोक का मंत्र रूप में 108 बार पाठ या जप करने से पत्नी रूपी गृहलक्ष्मी की प्राप्ति संभव होती है.

जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए-

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और कपूर तथा लौंग से आरती करें.
  • नित्य पूजा में मां दुर्गा को शहद एवं इत्र अर्पित करें.
  • नवरात्रि में प्रातः राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से भी जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.
Source : Agency