रायपुर
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद भी दीवारों से सरकारी योजना के नारे 72 घंटे बाद भी नहीं मिटाए गए साथ सरकारी योजना के तहत बांटने के लिए साइकिल तैयार करने के मामले पर राजनीति गरमाने लगी है. पूरे मामले की कांग्रेस और सीपीआई राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की तयारी में है. विधान सभा चुनाव में युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए साइकिल वितरण की तयारी शुरू हो गई है.

ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल देने के लिए कलेक्टर बंगले के करीब जनपद स्कूल में कोहिनूर कंपनी की 700 साइकिल तैयार किए जा रहे हैं. साइकिल तैयार करने उत्तर प्रदेश से आये ठेकेदार बबलू ने कहा अधिकारियों के कहने पर तीन दिन से साइकिल तैयार की जा रही हैं. उधर आचार संहिता लागू होते ही 48 घंटे के अन्दर शासन की योजना के दीवारों पर लिखे नारे मिटाए जाने थे पर 72 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी शहर की दीवारों पर प्रदेश सरकार के यह नारे लिखे हुए हैं.

दीवारों पर लिखे नारे और वितरण के लिए तैयार हो रही साइकिल को लेकर सीपीआई और कांग्रेस निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं. कांग्रेस के जिला प्रवक्ता तरुण गोलछा ने कहा की आचार संहिता लागू होने के बाद बांटने वाली साइकिल तैयार करना समझ से परे है. वहीं सीपीआई के राज्य परिषद सदस्य तिलक पांडे ने कलेक्टर पर भाजापा के एजेंट होने का आरोप लगाया है. दोनों ही पार्टी पूरे मामले को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत करेंगी.

Source : Agency