नई दिल्ली
गुजरात में दूसरे राज्यों के मजदूरों के साथ हिंसा के मामले में पीएम नरेंद्र मोदी ने इशारों में अपनी बात रखी है। बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 'खुशिया साझा करने से बढ़ती हैं'। पीएम मोदी ने इस टिप्पणी के जरिए प्रवासी मजदूरों को लेकर जारी हिंसा से जूझ रहे गुजरात के लिए अहम संदेश दिया। इस टिप्पणी के जरिए पीएम मोदी ने गुजरात के लोगों को दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर बांटों और राज करो की नीति अपनाने का आरोप लगाया। 
 

नमो ऐप के जरिए 5 लोकसभा सीटों रायपुर, मैसूर, दमोह, करौली-धौलपुर, आगरा के बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा, 'समाज में कोई विभाजन नहीं होना चाहिए। कांग्रेस लंबे समय से बांटो और राज करो की नीति पर चलती रही है। उन्होंने सिर्फ एक परिवार के हितों के लिए समाज को बांटने का काम किया, लेकिन बीजेपी सभी के कल्याण और समाज की एकता में विश्वास करती है।' 

गुजरात में लगे नारे, कढ़ुआ भगाओ, देश बचाओ

बता दें कि गुजरात में बिहार और यूपी के मजदूरों के खिलाफ हिंसा के चलते हजारों लोग अपने राज्यों की ओर पलायन कर चुके हैं। बीजेपी ने कांग्रेस लीडर अल्पेश ठाकोर पर इस हिंसा को भड़काने का आरोप लगाया है। पीएम मोदी ने कहा, 'हम समाज में नफरत नहीं फैलाते और बांटने का काम नहीं करते। हमारा मंत्र सबका साथ-सबका विकास है। लेकिन वे (कांग्रेस) समाज को बांटकर और नफरत फैलाकर खुद को मजबूत करना चाहते हैं।' दमोह के एक बीजेपी वर्कर के सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने यह बात कही। 

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभाजन में हिंसा को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक ही भाषा बोलने वाले लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया। मोदी ने कहा, 'अटल जी जब प्रधानमंत्री थे तो तीन राज्यों का शांतिपूर्ण गठन हुआ था, लेकिन कांग्रेस ने आंध्र का बंटवारा इस तरह किया कि दोनों ही राज्य परेशान हो गए।' यही नहीं देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू पर अटैक करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह भारत को सपेरों का देश कहते थे। ऐसा करके वह भारत की संस्कृति से बचते थे। 

Source : Agency