गरियाबंद
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पानी एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है. फिर चाहे वो शुद्ध पेयजल से जुड़ा हो या फिर फसल सिंचाई के लिए हो. ऐसे में गुस्से से लाल-पीले हुए टेमरा गांव के किसान फसल के लिए पानी नहीं मिलने से काफी परेशान हैं. जल्द पानी नहीं छोड़ने की स्थिति में मौके पर मौजूद अधिकारियों को चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है. किसानों का आरोप है कि आडापाथर जलाशय के  पास रहने के बाद भी इसका पानी उनके खेतों को नसीब नहीं हो पा रहा है. पानी की कमी के कारण उनकी फसल चौपट हो गई है जबकि वे महीने भर से पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं.

इधर, फसल सूखने की खबर मिलने पर बीते बुधवार को देवभोग एसडीएम जल संसाधन विभाग के एसडीओ के साथ टेमरा गांव पहुंचे. इस दौरान अपना दुखड़ा सुनाने के लिए गांवभर के किसान उनसे मिलने पहुंच गए.

इस दौरान मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के एसडीओ बी. आर. चंद्राकर ने किसानों को सांत्वना देने की बजाय उनके साथ बदसलूकी पर उतारु हो गए. अधिकारी के इस बर्ताव पर जब किसान भड़के तो मौके पर मौजूद तमाम अधिकारियों के सुरताल ही बदल गए. इससे खफा हुए किसानों ने एसडीओ को तत्काल निकालने की मांग करते हुए आगामी चुनाव का भी बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है.

बहरहाल, वैसे तो पानी हमेशा से ही अनमोल है, लेकिन चुनाव में पानी शब्द का महत्व काफी बढ़ जाता है. जनता जनार्दन चुनाव में किसे पानी पीला दे पता ही नहीं, लेकिन इस बार चुनाव में बिन्द्रानवागढ़ की जनता जनार्दन काफी आक्रोशित है. हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद ही पता चल पाएगा जनता ने किसे अपना नेता चुना है. फिलहाल, इलाके में पानी को लेकर सियासत जरूर गर्म हो गई है.

Source : Agency