सूरजपुर
जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री डी0एल0 कटकवार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शिव प्रकाश त्रिपाठी से प्राप्त जानकारी अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला चिकित्सालय सूरजपुर के समवन्य से जिला चिकित्सालय सूरजपुर में विश्व मानसिक स्वाथ्य दिवस पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुये श्री शिव प्रकाश त्रिपाठी नेे कहा कि मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति कभी अपने आप को पीड़ित नही मानता उसे लगता है मैं ठीक हू लेकिन पीड़ित व्यक्ति के परिवार पड़ोसीयों को मानसिक रूप से पीडित व्यक्ति के वर्तमान व्यवहार से पता चलता है की वह अस्वस्थ है। वहीं लोगों में जानकारी के अभाव के कारण पीड़ित को सही समय पर ईलाज कराने नही ला पाते हैं। उन्होने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशूल्क कानूनी सेवा योजना संचालित है सिसमें मानसीक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों का ईलाज निःशुल्क कराये जाने का प्रावधान है। उन्होने बताया की निःशुल्क सेवा मानसीक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के अलावा 18 वर्ष से कम आयु वर्ग का बच्चा, महिला, बाढ़ पीड़ित व्यक्ति, अनुसूचित जाति अनु.जन जाति वर्ग का कोई भी सदस्य तथा एक लाख पचास हजार रूपये तक के वार्षिक आय का सामान्य वर्ग का हर व्यक्ति निःशुल्क सहायता प्राप्त करने का हकदार है।

इसी क्रम में डॉ. राजेश पैकरा ने अपने संबोधन में बताया की किसी भी बीमारी के ईलाज में दवा के साथ-साथ मानसीक रूप से संतुष्ठ होने पर बीमरी से लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं। उन्होने बताया की मानसीक रूप पीड़ित व्यक्ति के व्यवहार में परिर्वतन होना मानसीक अस्वस्थ्यता का लक्षण है वहीं उन्होने बताया की किन-किन लक्षणों से इस बीमारी का पहचान किया जा सकता है तथा मानसीक रोग/अवसाद का ईलाज किस प्रकार से ईलाज किया जाता है ऐसे रोगीयों के साथ क्या-क्या सावधानिया बरतनी चाहिये बताया। वहीं उन्होने बताय की ईस बीमारी का ईलाज सम्भव है। और इस बीमारी का ईलाज हर सरकारी अस्पताल में बीना शुल्क के किया जाता है। उक्त कार्यक्रम में डॉ. राजेश पैकरा, डॉ. श्रीमती शशि तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, श्री लिलेज गुप्ता, श्री सत्य नारायण सिंह, उमेश कुमार पीएलव्ही एवं ग्रामिण जन उपस्थित थे।

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