राजनांदगांव
संभागायुक्त दुर्ग श्री दिलीप वासनिकर एवं आईजी श्री जीपी सिंह ने आज राजनांदगांव जिले में निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में निर्वाचन की चुनौतियाँ विशेष हैं। यहां पड़ोसी राज्यों से लगी बड़ी सीमा पर नजर रखना एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित मतदान कराना बड़ी चुनौती है। पुख्ता तैयारियों एवं संवेदनशील क्षेत्र के हर मतदान केंद्र के लिए विशेष रणनीति बनाकर इस चुनौती का सामना कर दुर्घटना मुक्त निष्पक्ष पारदर्शी निर्वाचन संपन्न कराएं। निष्पक्ष रहें, निष्पक्ष दिखें. कमिश्नर श्री वासनिकर ने कहा कि निर्वाचन सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है। इसके निर्वहण के लिए अपनी कार्रवाई में पूरी पारदर्शिता रखें। प्रक्रिया का पूरी तौर पर पालन करें।

हर संवेदनशील जानकारी मिलने पर उच्चतर अधिकारियों को अवगत कराएं। निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता के संबंध में असमाजिक तत्वों द्वारा नागरिकों में भ्रम फैलाने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जिले में निर्वाचन की तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान आईटीबीपी के अधिकारी, जिला पंचायत सीईओ श्री चंदन कुमार, अपर कलेक्टर श्री ओंकार यदु, श्री अनिल बाजपेयी, सहायक कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 
आईजी श्री सिंह ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में प्रत्याशियों की सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने पुख्ता रणनीति बनानी होगी। प्रत्याशियों के साथ बैठक लेकर इस संबंध में रणनीति बनाएं। जहाँ प्रत्याशी जाना चाहते हों, वहाँ पूर्व में जानकारी देकर अवगत कराएं ताकि आरओपी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि खुफिया सूचना की विशेष भूमिका निर्वाचन के दौरान रहेगी। खुफिया सूचना हर मोर्चे से आ सकती है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को और पुलिस को चौबीस घंटे अलर्ट मोड में रहना होगा।

दोनों अधिकारियों ने कहा कि राजनांदगांव जिले की बहुत बड़ी सीमा पड़ोसी राज्यों से मिली है। इसलिए इस बात की आशंका है कि पड़ोसी राज्यों से शराब, कैश और प्रलोभन सामग्री लाने की कोशिश की जाए। ऐसे में आबकारी विभाग और फ्लाइंग स्क्वाड को अलर्ट रहना बेहद जरूरी है।

बैठक में आपदा प्रबंधन के संबंध में भी चर्चा की गई। मतदान के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना होने की दशा में क्विक रिस्पांस टीम तुरंत पहुंचेगी। क्विक रिस्पांस टीम हर तरह की दुर्घटना से निपटने तैयार की जाएगी। कभी-कभी मतदान के दौरान पोलिंग पर्सनल के साथ हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति बनती है या किसी तरह की दुर्घटना की आशंका होने पर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था मतदान के दौरान उपलब्ध होगी।

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों के रूकने, उनकी मौके पर तैनाती एवं सुरक्षित वापसी के लिए रोड मैप पहले से ही तैयार हो। संवेदनशील क्षेत्रों में इस संबंध में अतिरिक्त सजगता बरती जाए। सुरक्षा बलों को जहां ठहराया जाए, वहां बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील हर मतदान केंद्र के लिए अलग से रणनीति बनाई जाए। इसके साथ ही जिन इलाकों में नेटवर्क की समस्या है वहां कम्युनिकेशन का पुख्ता प्लान बनाया जाए।

अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन संपन्न होने के पश्चात अपने घर जल्द से जल्द वापसी सुरक्षाकर्मी चाहते हैं। ऐसे में उन्हें मानदेय देने बहुत थोड़ा समय उपलब्ध होता है। इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाएं कि बहुत जल्दी सुरक्षा बलों को भुगतान हो जाए और उन्हें बिल्कुल भी इंतजार नहीं करना पड़े।
 
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने बताया कि इस बार निर्वाचन आयोग की थीम सुगम, सुघ्घर और समावेशी मतदान को लेकर व्यापक तैयारियां प्रशासन द्वारा की गई है। पीडब्ल्यूडी वोटर्स के शत-प्रतिशत मतदान के लिए पूरा जोर है। आडिटोरियम में एक हजार दिव्यांगजनों ने नवरात्रि के पहले दिन एकत्रित होकर मतदान का दिव्य संकल्प लिया। युवाओं को मतदान से जोड़ने पांच हजार लोगों ने दिग्विजय स्टेडियम में संरचना का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के लिए एमसीसी, एमसीसीसी, एक्सपेंडिचर मानीटरिंग सहित सभी समितियां बन चुकी हैं। सारे स्क्वाड तैयार कर लिये गए हैं और आचार संहिता के अनुपालन के लिए पुख्ता नजर रखी जा रही है। 72 घंटों में व्यापक अभियान चलाकर संपŸिा विरूपण की व्यापक कार्रवाई की गई है।

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