रायपुर
लंबे समय से किसान अपनी मांगों को लेकर लड़ाई लड़ते चले आ रहे है. लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं देने पर अब किसानों ने चुनाव लड़ने का मन बनाया है. सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे किसान प्रदेश में 70 सीटों में चुनाव लड़ेंगें. जगदलपुर के प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करते हुए किसानों ने बताया है कि वे अपनी मांगों को लेकर राजधानी तक पैदल पदयात्रा भी कर चुके है लेकिन उनकी गुहार आज तक नहीं सुनी गयी. दो सालों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे किसान अब किसान एकता मंच के बैनर तले चुनाव लड़ने जा रहे है.

किसान एकता मंच के संयोजक सुरेश यादव के मुताबिक बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक ही है. इनसे किसी तरह की कोई उम्मीन किसानों को नहीं है. इसी बात से परेशान होकर किसानों ने एक अलग मंच के जरिए चुनाव लड़ने का एलान किया है. बस्तर की 12 सीटों पर किसान चुनाव लड़ने की तेयारी कर चूके है. किसान एकता मंच ने दावा किया हैं कि प्रदेश में 90 प्रतिशत जनसंख्या किसानों की है ऐसे में जीत उनके मंच को मिलेगी.

हम आपको बता दें कि इससे पहले किसान रैली, नगर बंद और महापंचायत जैसे कई आंदोलन कर चुके है. अब आचार संहिता लगने के चलते किसान कुछ नहीं कर पा रहे है इसलिए लोकतंत्र के महाकुंभ में वे डुबकी लगाना चाहते है. किसान एकता मंच द्वारा प्रदेश भर के किसानों से लगातार सम्पर्क किया जा रहा है कि और जल्द ही प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी जाएगी.

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