आजकल सोशल मीडिया पर एक #MeToo नाम की मुहिम काफी चर्चा में है। इस मुहिम के तहत बड़े-बड़े खुलासे भी होते जा रहे हैं। फेसबुक हो या ट्वीटर या फिर इंस्टाग्राम सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर आजकल #MeToo ही ट्रेंड कर रहा है। आइए हम आपको इस मुहिम की पूरी कहानी बताते हैं।

#MeToo क्या है...?
सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि ये #MeToo कैंपेन क्या है...? दरअसल यह एक मुहिम है जिसके जरिए महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण या प्रताड़ना का खुलासा कर रही है। इस खुलासे में कई बड़े नामी लोगों का नाम भी सामने आ रहा है। असल में #MeToo की शुरुआत आज से ठीक एक साल पहले अमेरिका में हुई थी।

#MeToo की शुरुआत कब और कहां से हुई...?
अमेरिका में हॉलीवुड के पूर्व फिल्म निर्माता हार्वे वेंस्टीन पर अक्टूबर 2017 में #MeToo कैंपेन के तहत यौन शोषण का आरोप लगा। इस आरोप के बाद अमेरिका और हॉलीवुड इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया। #MeToo कैंपेन के जरिए एक-एक कर एक या दो नहीं बल्कि 80 से ज्यादा महिलाएं वेनिस्टिन के यौन शोषण की कहानियां लेकर सामने आ गई।

#MeToo से क्या फर्क पड़ा...?
इसके बाद #MeToo एक अभियान बन गया जिसके जरिए महिलाएं दफ्न हो चुके यौन शोषण की कहानियों को सामने लाने लगी। इस मुहिम के जरिए कई महिलाओं ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया के जरिए सामने रखी और कई बड़े-बड़े नामी शरीफ बनने वाले लोगों की हक़ीकत दुनिया के सामने आई।

भारत में कैसे पहुंचा #MeToo अभियान...?
हॉलीवुड में अगर कोई आग उठे तो उसकी आंच बॉलीवुड तक भी जरूर पहुंचती है। #MeToo कैंपेन को भी अमेरिका से इंडिया पहुंचने में एक साल का वक्त लग गया और इत्फ़ाक से इस मुहिम को इंडिया में शुरू करने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता भी अमेरिका से लौटी हैं। उन्होंने इस मुहिम के तहत बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं और केस भी दर्ज किया है।

#MeToo के तहत हुए कई बड़े खुलासे
तनुश्री के बाद इस मुहिम के जरिए अन्य महिलाएं भी अपनी प्रताड़ना की कहानी लेकर सामने आने लगी। एक-एक कर हॉलीवुड से शुरू हुए इस कैंपेन का असर बॉलीवुड से होते हुए अब समाज के आम महिलाओं तक भी पहुंच चुका है। तनुश्री के खुलासे के बाद एक-एक कर कई सनसनीखेज खुलासे सामने आने लगे। इसमें बॉलीवुड के संस्कारी बाबूजी आलोक नाथ, गायक कैलाश खैर, विकास बहल, एमजे अकबर और चेतन भगत जैसे बड़े-बड़े शरीफ लोगों पर भी यौन शोषण के आरोप लगे हैं।

#MeToo पीड़ित लड़कियों का हथियार
ऐसे बहुत सारे लोगों के नाम सामने आ रहे हैं जिनके खिलाफ लड़कियां यौन शोषण की पुरानी प्रताड़ना को बयां कर रही है। #MeToo अभियान ने यौन शोषण का शिकार हो चुकी हर क्षेत्र की लड़कियों को एक बड़ा हथियार दे दिया है। इस अभियान को एक तरफ तो भारी सराहना मिल रही है वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसपर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

#MeToo की चपेट में आए एक वरिष्ठ पत्रकार
इस लिस्ट में एक नाम पत्रकारिता में बड़े-बड़े नाम कमाकर केंद्र सरकार के मंत्रीमंडल में जाने वाले एम.जे अकबर का भी है। मीडिया इंडस्ट्री के इस बड़े शक्स एम.जे अकबर पर एक या दो नहीं बल्कि 9-9 महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। सभी महिलाओं ने अपनी-अपनी आपबीती #MeToo मुहिम के तहत बताया है कि एक वरिष्ठ और नामी संपादक ने काम के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार किया। एम.जे अकबर पर सरकार के तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और मीडिया में भी नाना पाटेकर और आलोक नाथ के आरोपों की बात तो खूब हो रही है लेकिन एम.जे अकबर पर लगे आरोपों पर ज्यादा बात नहीं हो रही है।

क्या मीडिया इंडस्ट्री पर पड़ेगा #MeToo का असर...?
हालांकि आज के दौर में भी मीडिया इंडस्ट्री का हाल ऐसा ही है। मीडिया में आने वाले लड़कियों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। मीडिया संस्थान के कई बड़े पत्रकार लड़कियों और खासकर करियर शुरू करने वाली लड़कियों के साथ गलत संबंध बनाने का प्रयास करते हैं और बदले में उनकी नौकरी पक्की या मजबूत करने का लालच देते हैं।

#MeToo के जरिए उठाएं आवाज़
ये सिलसिला तो अभी भी धड्डल्ले से चल रहा है, तो अगर कोई मीडिया की लड़की इस समस्या से परेशान है या पहले कभी हो चुकी है, तो यही मौका है। आप सब इस #MeToo मुहिम के तहत अपने साथ हुई समस्या को सामने लाएं और ऐसे पत्रकारों का पर्दाफाश करें जो अपनी वरिष्ठता और शराफ़त का मुखौटा लगाकर रोजाना अलग-अलग लड़कियों को अपनी जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।

Source : Agency