भुवनेश्वर
विश्व कप के लिए भारतीय हॉकी टीम की तैयारियां अच्छी नहीं चल रहीं। टीम के अहम खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं और इसके अलावा वह ऐसी मैच गंवा रही है जो उसे जीतने चाहिए थे। और जब धनराज पिल्लै जैसे दिग्गज यह कहते हैं कि 'भारतीय हॉकी का सिक्ल लेवल कम हो गया है', तो कुल मिलाकर भारतीय हॉकी के भविष्य की तस्वीर और चिंताजनक हो जाती है।

पुरुष हॉकी विश्व कप 28 नवंबर से भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेला जाएगा। लेकिन भारतीय टीम कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में जगह बना पाने में असफल रही। इसके बाद एशियन गेम्स में भी टीम सोने का तमगा हासिल नहीं कर पाई। इससे टीम की उम्मीदों को करारा झटका लगा। इसके बाद एसवी सुनील और रमनदीप सिंह जैसे बड़े खिलाड़ियों का चोटिल होना खतरे की घंटी है।

कलिंगा स्टेडियम में ओपनिंग सेरेमनी कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बात करते हुए चार बार ओलिंपिक खेल चुके इस दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, 'हॉकी काफी बदल गई है। जब हम खेला करते थे तब स्किलफुल हॉकी खेली जाती थी। अब ऐसा नहीं है।' पिल्लै और उनकी टीम के साथी खिलाड़ी रहे दिलीप टर्की ने पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों की टीमों का एक प्रदर्शनी मैच में नेतृत्व किया।

50 वर्षीय पूर्व कप्तान ने कहा, 'जहां तक फिटनेस की बात है तो हम ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के बराबर हैं लेकिन अब आपको हॉकी में पहले की तरह स्किल देखने को नहीं मिलते। इसके स्तर में कमी आई है।' इसके लिए उन्होंने दिलीप टर्की की टीम के लिए दोनों गोल करने वाले दीपक ठाकुर का उदाहरण दिया। ठाकुर के प्रदर्शन के दम पर टर्की की टीम ने धनराज की टीम को 2-1 से हरा दिया।

पिल्लै ने कहा, 'दीपक ठाकुर को देखें। वह गोल करने के लिए सही पोजीशन पर थे।' उन्होंने कहा, 'अब खेल काफी मशीनी हो गई है। यह लैपटॉप हॉकी है। हम इसे आजमा रहे हैं लेकिन यह हमारे लिए कितनी कारगर होगी यह मैं नहीं कह सकता।'

Source : Agency