भोपाल
मध्यप्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू की जा चुकी है। ऐसे में सरकार के सभी कामकाज फिलहाल थम गए हैं। सीएम शिवराज से लेकर सभी नेता चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। लेकिन कुछ सरकारी विभागों में सरकार के पक्ष में माहौल तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस ने भोपाल विकास प्राधिकरण में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग होने का आरोप लगाया है। और चुनाव आयोग में बीडीए अध्यक्ष समेत सईओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही आचार संहिता लागू होने के बाद जारी आदेशों पर रोक लगाने की मांग की है।

कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने आयोग में एक शिकायत पत्र सौंपा है। जिसके मुताबित भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ओम यादव द्वारा अपने राजनीतिक दल भाजपा के पक्ष में आदर्श आचरण संहिता लागू होने के बाद पद का दुरुपयोग निरंतर जारी है। कांग्रेस का आरोप है कि बीडीए अध्यक्ष बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। इसलिए वह आचार सहिंता लागू होने बाद भी सरकार को लाभ पहुंचाने के लिए कई आदेश जारी कर रहे हैं।

उनके इस काम में प्राधिकरण के सीईओ बुध्देश कुमार वैद्य भी शामिल हैं जो पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उप सचिव एवं तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस के विशेष सहायक भी रह चुके हैं। प्राधिकरण की गत 29 सितंबर को हुई बैठक के निर्णय में विधानसभा चुनाव घोषित होने के बाद भारी रूप से फेरबदल किए जा रहे हैं और बुध्देश कुमार वैद्य आपसी मिलीभगत कर कई जनहित के लाभकारी निर्णय जैसे कॉलोनियों में बिजली, पानी के रेट कम करना, संपत्तियों की कीमतें कम करना, कुछ कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति कराना और सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाना शामिल है।

बोर्ड मीटिंग के निर्णय 11 सितंबर तक भी जारी नहीं किए गए हैं और आचार संहिता की पहले की तिथि में डिस्पैच छोड़ कर रखा गया है। बोर्ड मीटिंग के प्रस्तावों की सभी फाइलें वे डिस्पैच रजिस्टर चेयरमैन के पीए आनंद जोशी तथा सीईओ के पीए जगदीश के पास हैं नियमानुसार बोर्ड मीटिंग होने के अगले दिन यानी 30 सितंबर को ही निर्णय और मिनट जारी होने चाहिए और प्रस्तावों की नस्तियों संबंधित शाखा में निर्णय सहित भेज देना चाहिए, पर आज 11 सितंबर तक सारी कार्यवाही रोकते हुए निर्णय में फेरबदल कर पुरानी तिथियों में कार्यवाही की जा रही है।

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