नई दिल्ली
 केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि नई औद्योगिक नीति नए भारत की सभी चुनौतियों और संभावनाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व आपूर्ति श्रृंखला की अगली कतार में रखेगी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार प्रभु ने कहा है कि नई औद्योगिक नीति में भारत के समक्ष सभी चुनौतियों और संभावनाओं को समाहित किया गया है। यह भारत को विश्व आपूर्ति श्रृंखला की अगली कतार में रख देगी। उन्होंने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति डिजीटल तकनीक पर आधारित होगी और भारत प्रशासन के प्रत्येक पहलु के लिए डिजीटल तकनीक हासिल कर रहा है। इससे देश को विश्व आपूर्ति श्रृंखला में स्थान पाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय ने नई औद्योगिक नीति को सभी मंत्रालयों, राज्य सरकारों, उद्योग और संबद्ध पक्षों के साथ मिलकर तैयार किया है।  

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