वॉशिंगटन 
वैज्ञानिकों ने ऐसी कई द्विआयामी (टू-डायमेंशनल) वस्तुएं विकसित करने का दावा किया है, जो इलेक्ट्रिक वीइकल्स को एक बार के चार्ज में 800 किलोमीटर तक की दूरी तय करने के लिए तैयार कर सकती हैं। अमेरिका के इलिनोइस विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि लिथियम-एअर बैटरी वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे लिथियम-आयन बैटरी के मुकाबले 10 गुणा ज्यादा ऊर्जा संग्रहित कर सकती है। यह हल्की भी है। हालांकि, अभी भी इसे विकसित करने की प्रक्रिया प्रायोगिक चरण में ही है। 


वैज्ञानिकों का कहना है कि लिथियम-एअर बैटरी ज्यादा प्रभावी है। यह द्विआयामी (टू-डी) वस्तुओं से बने उन्नत उत्प्रेरकों (अडवांस्ड कैटलिस्ट्स) को शामिल करने के साथ ही ज्यादा चार्ज भी उपलब्ध करा सकती है। ये उत्प्रेरक बैटरी के भीतर होने वाली रसायनिक प्रतिक्रिया (केमिकल रिऐक्शन) की दर को तेज कर सकते हैं। जिस प्रकार के पदार्थ से ये उत्प्रेरक बने हैं, उसके आधार पर वह ऊर्जा को संग्रहित करने एवं ऊर्जा उपलब्ध कराने की बैटरी की क्षमता को महत्त्वपूर्ण ढंग से बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। 

इस शोध में वैज्ञानिकों ने ऐसी कई टू-डी वस्तुओं का संश्लेषण (सिंथेसिस) किया, जो उत्प्रेरक के तौर पर काम कर सकती हैं। परिणाम स्वरूप पाया कि पारंपरिक उत्प्रेरकों से मिलकर तैयार की गई लिथियम-एअर बैटरी के मुकाबले इन उत्प्रेरकों से बनी बैटरी 10 गुणा ज्यादा ऊर्जा संग्रहित कर सकती है। यह स्टडी ‘एडवांस्ड मटीरियल्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुई है।

Source : Agency