क्या आपने कभी सोचा है कि कैफीन की खोज किसने की थी? कैफीन की खोज करने वाले जर्मनी के मशहूर एनालिटिकल केमिस्ट फ्रेडलिब फर्डिनेंड रंज थे. आज उनका 225वां जन्मदिन है. गूगल ने इस मौके पर एक डूडल बनाकर उन्हें याद किया है.

रंज ने ही कैफीन की पहचान की थी. उन्होंने तारकोल की खोज भी की थी. इसके अलावा भी उन्हें कई सारी खोजों की लिए जाना जाता है. रंज ने बेल्डॉना के पौधे के रस का आंख की पुतलियों पर असर का प्रयोग किया था. उन्होंने क्रोमैटोग्राफी की खोज की और बीट जूस यानी चुकंदर के रस से शर्करा अलग करने की विधि ढूंढी.

रंज को बचपन से ही केमिस्ट्री से लगाव था और युवा होते-होते उन्होंने कई तरह के प्रयोग शुरू कर दिए थे. उनका शुरुआती प्रयोग बेल्डॉना के पोधे के रस से आंख की पुतलियों के फैलने से जुड़ा हुआ था. एक बार गलती से रंज की आंख में बेल्डोना का रस चला गया था, इसके बाद उन्होंने इसका असर महसूस किया.

10 साल बाद जब वह जेना यूनिवर्सिटी में केमिस्ट जोहान वोल्फगैंग के निर्देशन में पढ़ाई कर रहे थे तब उन्हें बेल्डॉना पर फिर से प्रयोग करने के लिए कहा गया. उनके प्रोफेसर के एक साथी ने उनके प्रयोग पर ध्यान दिया और उन्हें कॉफी का विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया. इसके कुछ ही महीने बाद रंज ने कैफीन की पहचान कर ली.

रंज ने बर्लिन यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की और 1831 तक ब्रेसलौ यूनिवर्सिटी में पढ़ाया. उनके सबसे प्रसिद्ध अविष्कारों में पहला कोलतार डाई के साथ कपड़ों को डाई करने की प्रक्रिया शामिल है. वह कुनैन (मलेरिया के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा) को अलग करने वाले पहले वैज्ञानिकों में से एक भी है.

रंज ने पेपर क्रोमैटोग्राफी (रासायनिक पदार्थों को अलग करने की एक प्रारंभिक तकनीक) की खोज भी की है. इसके साथ ही उन्होंने चुकंदर के रस से चीनी निकालने के लिए एक विधि तैयार की है.

Source : Agency