जन के मन में बसी है भाजपा  - विश्वास सारंग

 

 

मध्यप्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग के साथ सीधी बात हेमन्त चतुर्वेदी के साथ...

 

 

 

सवाल- मध्यप्रदेश में चुनावी मौसम दस्तक दे चुका है, फिलहाल क्या कुछ तस्वीर नजर आ रही है आपको ?

जवाब- तस्वीर सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि हर किसी को एक सी ही नजर आ रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके नेतृत्व में पूरी सरकार लगातार प्रदेश और प्रदेश की जनता के हित में कदम बढ़ा रही है। जिसके चलते भाजपा का हर कार्यकर्ता इस बात के आशान्वित है, कि आगामी विधानसभा चुनाव में हमें जनता जनार्दन का आशीर्वाद मिलेगा। रही बात मेरे नजरिए से इस तस्वीर को देखने की, तो हमारे लिए यह चुनाव जनविश्वास की कसौटी है और मुझे पूरा भरोसा है इस पर हम खरे उतरेंगे।

 

 

सवाल- हाल ही में प्रदेश भाजपा और कांग्रेस के अध्यक्षों में बदलाव हुआ है, दोनों को लेकर आपकी राय।

जवाब- यहां मेरा कहना होगा, कि आप सिर्फ अध्यक्षों पर गौर न करें, बल्कि उनके बैकग्राउंड और उस इकाई को देखें, जो इनके पीछे रहकर काम करेगी। मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह जी जमीन से जुड़े हुए कार्यकर्ता हैं, उन्हें उनकी दशकों की तपस्या का फल मिला है। ये बात हैरानी वाली भले है, लेकिन यह गर्व का विषय भी है, कि उनके चयन से पहले हम लोगों को भी पता नहीं था। अब बात कमलनाथ के बारे में करें, जिनका आधा जीवन हैलीकॉप्टर में गुजरा है। आप तो मीडिया वाले हो, इस बात को अच्छी तरह से समझते होंगे, कि किस तरह उनके समर्थक तीन साल पहले से उनके लिए माहौल बना रहे थे। कुल मिलाकर अर्थ शक्ति के दम पर उन्होंने यह पद हासिल किया है, आप इस बात को लिख लीजिए कि इस आडंबर को प्रदेश की जनता सिरे से नकार देगी।

 

सवाल- कहा जा रहा है, कि इन दिनों भाजपा हाईकमान प्रदेश भाजपा के अधिकारों पर अतिक्रमण कर रहा है। आप कितना इत्तेफाक रखते है इससे ?

जवाब- मेरी नजर में इस तरह के कयासों का कोई वजूद नहीं है। भाजपा हाईकमान सिर्फ वही कर रहा है, जो उसका अधिकार है। सही मायनों में इस वक्त पूरे देश और हर प्रदेश की भाजपा का संचालन ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और आदरणीय अमित शाह के हाथों में है। ऐसे में अगर वो समय समय पर किसी राज्य इकाई की मॉनीटरिंग करें, तो इसमें गलत क्या है ? रही बात मध्यप्रदेश की, तो पार्टी हाईकमान को मध्यप्रदेश की इकाई पर, यहां के राजनेताओं पर और यहां के कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है। उन्हें पता है, कि यहां के कार्यकर्ताओं ने अपने खून से भाजपा को सींचा है, ऐसे में वो भला क्यों इनके साथ किसी तरह का प्रयोग करेंगे ?

 

 

सवाल- चुनाव में एंटी इनकमबेंसी को क्या कुछ सोचते हैं आप ?

जवाब- देखिए, एंटी इनकमबेंसी तो वहां होगी जहां किसी तरह की नाराजगी हो। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार तो सर्वजन हिताए सर्वजन सुखाए की नीति पर कदम बढ़ा रही है। किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा हर किसी का हित सोच रही है। ऐसे में एंटी इनकमबेंसी पनपने का कोई सवाल ही नहीं हैं। हां, मौजूदा वक्त में कुछ वर्ग नाराज जरूर नजर आ रहे हैं, लेकिन उन पर हमारा फोकस हैं, और चुनाव से पहले सभी की अपेक्षाओं को पूरा करके हम उनका आशीर्वाद लेने उनके बीच जाएंगे।

 

 

सवाल- जनता को हिसाब देने का वक्त आ गया है, क्या कुछ लेकर जाने वाले हैं आप जनता के बीच ?

जवाब- बतौर भाजपा कार्यकर्ता मैं इस बात में विश्वास नहीं रखता, कि हर राजनेता को चुनाव के वक्त ही अपना हिसाब जनता को देना चाहिए। हमारा ये क्रम सालभर चलता है, जनता के बीच जाकर उसका काम करना और नतीजे प्रस्तुत करना। हालांकि रही बात मेरे कामकाज की, तो एक विधायक के तौर पर आप मेरे क्षेत्र की जनता और एक मंत्री के तौर पर मेरे विभाग से जुड़े कर्मचारियों और हितग्राहियों से मेरा फीडबैक ले सकते हैं। सही मायनों में मैं अपना हिसाब किताब संबंधित लोगों की संतुष्टि के जरिए ही तय करता हूं।

 

(राजनीतिक मर्म)